अफसोस करने वाली 13 शायरी

 1. अब हवा जिधर जाये मैं भी उधर जाऊंगा,

मैं खुश्बू हूँ हवाओं में बिखर जाऊंगा,

अफ़सोस तुम्हें होगा मुझे सताओगे अगर,

मेरा क्या जितना भी जलाओगे उतना ही निखर जाऊंगा।



2. उसकी आँखों में नजर आता है सारा जहाँ मुझको,

अफ़सोस कि उन आँखों में कभी खुद को नहीं देखा।



3. अब सज़ा दे ही चुके हो तो मेरा हाल ना पूछना,

अगर मैं बेगुनाह निकला तो तुम्हे अफ़सोस बहुत होगा।



4. अफ़सोस तो है तेरे बदल जाने का मगर,

तेरी कुछ बातों ने मुझे जीना सिखा दिया।



5. हमसे बिछड़कर अब वो खुश रहने लगे है,

अफ़सोस की हमने उनकी ये ख़ुशी छीन रखी थी।



6. ज़िन्दगी उसकी जिसकी मौत पर ज़माना अफ़सोस करे,

यूँ तो हर शख्स आता है दुनिया में फ़ना होने के लिए।



7. मैं फना हो गया अफ़सोस वो बदला भी नहीं,

मेरी चाहतों से भी सच्ची रहीं नफरतें उसकी।



8. चलिए अब तो मान लें, आप हैं दुश्मन मेरे,

अफसोस है कि यार को ये कहना मुझे पड़ा।



9. ज़िन्दगी जीने के लिए मिली थी, अफ़सोस ऐ यारो...

मैंने उसके इंतज़ार में गुजार दी।



10. मौत सबको आती है ऐ दोस्त,

अफ़सोस ! जीना सबको नही आता।



11. अफसोस ये नहीं है कि दर्द कितना है,

अफसोस तो ये है कि बस तुम्हें परवाह नहीं।



12. न मोहब्बत सभाली गई न नफरतें पाली गयी,

अफ़सोस है उस जिंदगी का जो तेरे पीछे खाली गयी।



13. न अफ़सोस है तुझे न कोई शर्मिंदगी है,

गुजर रही है गुनाहों में यह कैसी ज़िन्दगी है।

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