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15 अजनबी शायरी

 1. सदियों बाद उस अजनबी से मुलाक़ात हुई, आँखों ही आँखों में चाहत की हर बात हुई. 2. इस दुनिया मेँ अजनबी रहना ही ठीक है,लोग बहुत तकलीफ देते है अक्सर अपना बना कर. 3. कल तक तो सिर्फ़ एक अजनबी थे तुम, आज दिल की हर एक धड़कन पर हुकूमत है तुम्हारी. 4. एक अजनबी से मुझे इतना प्यार क्यों है, इंकार करने पर चाहत का इकरार क्यों है; उससे मिलना तो तकदीर मे लिखा भी नही, फिर हर मोड़ पे उसी का इंतज़ार क्यों है 5. अजनबी बन के हँसा करती है, ज़िंदगी किस से वफ़ा करती है, क्या जलाऊँ मैं मोहब्बत के चराग़, एक आँधी सी चला करती है। 6. दिल चाहता है कि फ़िर, अजनबी बन कर देखें, तुम तमन्ना बन जाओ, हम उम्मीद बन कर देखें।. 7. चले आओ ‘अजनबी’ बनकर फिर से मिले तुम मेरा नाम पूछो मैं तुम्हारा हाल पूछूं. 8. इस अजनबी शहर में पत्थर कहां से आया है, लोगों की भीड़ में कोई अपना ज़रूर है. 9. एक अजनबी से मुझे इतना प्यार क्यों है इंकार करने पर चाहत का इकरार क्यों है उसे पाना नहीं मेरी तकदीर में शायद फिर हर मोड़ पे उसी का इंतज़ार क्यों है. 10. अजनबी शहर में एक दोस्त मिला, वक्त नाम था पर जब भी मिला मजबूर मिला. 11. मंजिल ...

गम भरी 13 शायरी

 1. खुद ही रोए और खुद ही चुप हो गए, ये सोचकर की कोई अपना होता तो रोने ना देता ! 2. जहर देता है कोई, कोई दवा देता है, जो भी मिलता है मेरा दर्द बढ़ा देता है !! 3. गमो का बाजार खाली पड़ा है, क्यूंकि यहाँ हर किसी के पास गम जो पड़ा है !. 4. गम को आँसू बनकर बहने न दिया, कुछ इस तरह मैंने खुद को ठोकरों में भी, खुद को सम्भाल लिया ! 5. इंसान खुशी में बहक जाता है, लेकिन धोका खाकर संभल जाता है।  6. शायरी में सिमटते कहाँ हैं दिल के दर्द दोस्तों, बहला रहे हैं खुद को जरा फोन के साथ !! 7. कौन कहता है नफरतों में गम होता है, कुछ मोहब्बत बड़ी कमाल की होती है । 8. कुछ खोने का गम कुछ न पा सकने के, गम से कहीं ज्यादा होता है ! 9. हम भी फूलों की तरह अक्सर तनह रहते है, कभी टूट जाते है तो कभी कोई तोड़ देता है । 10. तेरी आरज़ू मेरा ख्वाब है ऐ सनम जिसका रास्ता बहुत खराब है, मेरे जख्म का अंदाजा तू न लगा, दिल का हर पन्ना दर्द की किताब है !! 11. तू नाराज न रहा कर तुझे वास्ता है खुदा का, एक तेरा चेहरा देख कर ही तो, हम अपना गम भुलाते है ! 12. दुनिया भी मिली गम भी मिले है, वो क्यूँ नहीं मिलता जिसे माँग...

अफसोस करने वाली 13 शायरी

 1. अब हवा जिधर जाये मैं भी उधर जाऊंगा, मैं खुश्बू हूँ हवाओं में बिखर जाऊंगा, अफ़सोस तुम्हें होगा मुझे सताओगे अगर, मेरा क्या जितना भी जलाओगे उतना ही निखर जाऊंगा। 2. उसकी आँखों में नजर आता है सारा जहाँ मुझको, अफ़सोस कि उन आँखों में कभी खुद को नहीं देखा। 3. अब सज़ा दे ही चुके हो तो मेरा हाल ना पूछना, अगर मैं बेगुनाह निकला तो तुम्हे अफ़सोस बहुत होगा। 4. अफ़सोस तो है तेरे बदल जाने का मगर, तेरी कुछ बातों ने मुझे जीना सिखा दिया। 5. हमसे बिछड़कर अब वो खुश रहने लगे है, अफ़सोस की हमने उनकी ये ख़ुशी छीन रखी थी। 6. ज़िन्दगी उसकी जिसकी मौत पर ज़माना अफ़सोस करे, यूँ तो हर शख्स आता है दुनिया में फ़ना होने के लिए। 7. मैं फना हो गया अफ़सोस वो बदला भी नहीं, मेरी चाहतों से भी सच्ची रहीं नफरतें उसकी। 8. चलिए अब तो मान लें, आप हैं दुश्मन मेरे, अफसोस है कि यार को ये कहना मुझे पड़ा। 9. ज़िन्दगी जीने के लिए मिली थी, अफ़सोस ऐ यारो... मैंने उसके इंतज़ार में गुजार दी। 10. मौत सबको आती है ऐ दोस्त, अफ़सोस ! जीना सबको नही आता। 11. अफसोस ये नहीं है कि दर्द कितना है, अफसोस तो ये है कि बस तुम्हें परवाह नहीं। 12. न मोह...

चाहत 13 शायरी

 1. एक चाहत होती है जनाब अपनों के साथ जीने की वरना पता तो हमें भी है कि ऊपर अकेले ही जाना है। 2. इतनी चाहत से न देखा कीजिए महफ़िल में आप,शहर वालों से हमारी दुश्मनी बढ़ जाएगी। 3. अगर तुम समझ पाते मेरी चाहत की इन्तहा तो हम तुमसे नही तुम हमसे मोहब्बत करते. 4. एक तो मेरी चाहत और दुसरा इश्क का बुखार, शहर का तापमान 50 डिग्री ना हो तो क्या हो. 5. काश ये शाम कभी ढले ना, काश ये शाम मोहब्बत का रुके ना, हो जाए आज दिल की चाहते सारी पूरी और दिल की कोई चाहत बचे ना. 6. हमें शायर समझ के यूं नजर अंदाज न करिये, नजर हम फेर ले तो तेरी चाहतों का बाजार गिर जायेगा। 7. तेरी चाहत मेरी आँखों में है, तेरी खुशबू मेरी सांसो में है। मेरे दिल को जो घायल कर जाए, ऐसी अदा सिर्फ तेरी बातो में है।। 8. ना चाहतों का ना ही ये दौलतों का रिश्ता है ये तेरा मेरा तो बस रूह का रिश्ता है. 9. तेरी चाहत मे हम जमाना भूल गये, किसी और को हम अपनाना भूल गये, तूम से मोहब्बत हे साारे जहान को बताया,बस एक तूझे ही बताना भूल गये. 10. गले लगा कर प्यार से फना कर दो मुझे मोहब्बत में फिर कोई चाहत ना रहे बाकी. 11. मेरी चाहत का ये कैस...

30 तन्हाई भरी शायरी

 1: मैं अपनी तन्हाई को सरेआम लिखना चाहती हूं मेरे महबूब तेरे दिये जख्म को लिखना चाहती हूं.!! 2: रास्ते बंट गए मंजिलें कहीं खो गई उम्मीदों के समुंदर में तकदीरे कहीं खो गई..! 3: तेरा साथ है हमसे कुछ इस तरह छोड़कर जाना मानो जैसे नदियो का बिन पानी के सुखा रह जाना..! 4: वो पूछते है हमसे मुश्किले बहुत है जिंदगी की राहो में क्या चल पाओगे तुम कांटो से भरी राहो में..! 5: जिंदगी का राग पुराना याद आया आज गुजरा हुआ जमाना याद आया थम सी गई जिंदगी खयालो की बदहाली मे वो रंग और गम मुझको दोबारा याद आया..! 6: गम भी बहुत है जिंदगी में फिर भी खुश रहने का बहाना चाहिए यह बड़ी-बड़ी इमारते हमे मत दिखाओ हमे तो बस गंगा का किनारा चाहिए..! 7: मुझे तन्हाई की आदत है मेरी बात छोडोए तुम बताओ कैसी हो ! 8: ए मेरे दिल कभी तीसरे की उम्मीद भी ना किया कर सिर्फ तुम और मैं ही हैं इस दश्त ए तन्हाई में! 9: ख़्वाब की तरह बिखर जाने को जी चाहता है ऐसी तन्हाई कि मर जाने को जी चाहता है! 10: थकन टूटन उदासी ऊब तन्हाई अधूरापन तुम्हारी याद के संग इतना लम्बा कारवाँ क्यूँ है ! 11: अपने होने का कुछ एहसास न होने से हुआ ख़ुद से मिलना मिर...

25 ब्रेकअप की शायरी

 1: तन्हाई का उसने मंजर नहीं देखा, अफसोस कि मेरे दिल के अंदर नहीं देखा, दिल टूटने का दर्द वो क्या जाने, जो ये लम्हा कभी जी कर नहीं देखा। 2: हमे इतना वक्त ही कहाँ की हम मौसम सुहाना देखे, जब तेरी याद से निकले तभी तो मौसम सुहाना देखे. 3: झूठ कहूँ तो बहुत कुछ है मेरे पास, सच कहूँ तो कुछ नही सिवा तेरे मेरे पास. 4: हमको दीवाना कर दिया एक नजर देख कर, हम कुछ भी न कर सके बार बार देख कर. 5: उस वेबफा को अपना समझा, जिसे हमने इतना प्यार किया, उसने किया हमसे सिर्फ धोखा, हमने फिर भी एतवार किया. 6: चुप रह कर भी कह दिया, सब कुछ ये मेरा सलीका था, और तुम सुनकर भी समझ, नही पाए ये उनका प्यार था. 7: तुम हमे क्यों इतना दर्द देते हो, जब जी में आये तब रुला देते हो, लफ़्ज़ों में तीखा पन और नजरो में बेरुखी, ये कैसा इश्क है जो तुम हमसे करते हो. 8: बीच सफर में तुम हमसे अलविदा कह गये, पहले अपना बनाया फिर पराया कर गये, जब जिंदगी की जरूरत सी बन गये, तभी वो हमसे किनारा कर गये. 9: छोड़ने से पहले कहते तो आप, दर्दे दिल एक बार हमे सुनाते तो आप, ऐसी क्या मजबूरी थी आपकी, जो हमे जिंदगी के सफर में छोड़ गये आप. 10: मेरे ख्...

35 बेवफा शायरी

 1: कैसे गुजरती है मेरी हर एक शाम, तुम्हारे बगैर अगर तुम देख लेते तो, कभी तन्हा न छोड़ते मुझे ! 2: न ढूंढ मेरा किरदार दुनिया की भीड़ में, वफादार तो हमेशा तन्हा ही मिलते हैं ! 3: काश तू समझ सकती मोहब्बत के उसूलों को, किसी की साँसों में समाकर उसे तन्हा नहीं करते ! 4: अकेला हूँ पर मुस्कुराता बहुत हूँ, खुद का साथ बड़ी शिद्दत से दे रहा हूँ ! 5: मुझको मेरे अकेलेपन से अब, शिकायत नहीं है मैं पत्थर हूँ मुझे, खुद से भी मुहब्बत नहीं है ! 6: मेने बंद कर दिया दिखाना की, मुझे हर्ट होता है क्यूंकि मेरी, फीलिंग्स समझने वाला कोई नहीं है ! 7: एक तुम्हीं थे जिसके दम पे चलती थी साँसें मेरी, लौट आओ जिंदगी से वफा निभाई नहीं जाती ! 8: वो मन बना चुके थे हमे छोड़ जाने का, किस्मत तो सिर्फ उनके लिए एक बहाना था ! 9: कुदरत के इन हसीन नजारों का हम क्या करें, तुम साथ नहीं तो इन चाँद सितारों का क्या करें ! 10: अकेले ही सहना अकेले ही रहना होता है, अकेलेपन का हर एक आँसू अकेले ही पीना होता है ! 11: आज कुछ अजनबी सा अपना वजूद लगता है, साथ हैं सब मगर दिल क्यों अकेला सा लगता है ! 12: तुझसे दूर जाने के बाद तन्हा तो हूँ ल...