शराबी हिंदी शायरी

Akr Hindi shayari

 1:  निकलूं अगर मयखाने से तो,

शराबी ना समझना मेरे दोस्त,

मंदिर से निकलता,

हर शख्स भी तो भक्त नहीं होता !


2:  हर बार सोचता हूँ

छोड़ दूंगा मैं पीना अब से,

मगर तेरी याद आती है,

और हम मयखाने को चल पड़ते हैं !


3:  तू डालता जा साकी शराब मेरे प्यालो में,

जब तक वो न निकले मेरे ख्यालों से !


4:  यारो कहा मैं शौख से पीता हूँ !

गम भुलाने के लिए होश से पीता हूँ !

मत कहिये मुझसे शराब छोड़ने के लिए !

शराब पीता हु तभी तो जीता हूँ !!


5:  कुछ तो शराफत सीख ले ए इश्क शराब से,

बोतल पे लिखा तो है मैं जान लेवा हूँ !


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