हिंदी 56 sad शायरी
1: 😢आँसू आ जाते है रोने से पहले,
ख्वाब टूट जाते है सोने से पहले,
लोग कहते है मोहब्बत💔 गुनाह है,
काश कोई रोक लेते गुनाह होने से पहले।
2: ए नसीब जरा एक बात तो बता,
तू सबको आज़माता है
या मुझसे ही दुश्मनी है।।
3: ए दिल तू क्यों रोता है,
ये दुनिया है,
यहाँ ऐसा ही होता है।।
4: हो ताल्लुक तो रूह से ही हो,
दिल तो अक्सर भर ही जाता है।।
5: अपनों से ही टूटा हूँ,
तो अब सवाल क्या करू !!
6: ” क्यूँ नहीं महसूस होती
उसे मेरी तकलीफ,
जो कहते थे,
बहुत अच्छे से जानते है तुझे “
7: सिर्फ सहने वाला ही जानता है,
की दर्द कितना गहरा है।।
8: तू याद कर या भूल जा,
तू याद है बस ये याद रख।।
9: !! कोई बीमार हम सा नहीं,
कोई इलाज तुम सा नहीं !!
10: सोचा था तड़पायेंगे हम उन्हें,
किसी और का नाम लेके जलायेगें उन्हें,
फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,
तो फिर भला किस तरह सताए हम उन्हें।
11: अच्छे होते हैं वो लोग जो आकर चले जाते हैं,
थोड़ा ठहर कर जाने वाले बहुत रुलाते हैं !
12: आँखें थक गई है आसमान को देखते देखते
पर वो तारा नहीं टूटता ,जिसे देखकर तुम्हें मांग लूँ
13: टूटे हुए काँच की तरह
चकनाचूर हो गए,
किसी को लग ना जाये
इसलिए सबसे दूर हो गए🥺।।
14: बात वफ़ा की होती तो कभी ना हारते,
बात नसीब की थी कुछ कर ना सके।
15: कुछ लोग मुझे
अपना कहा करते थे साहब !
सच में वो लोग सिर्फ कहा ही करते थे !!
16: बेशक जो जितना खामोश रहता है
वो अपनी इज़्ज़त उतनी ही महफूज़ रखता है.
17: एक वो था बदल गया,
एक में था बिखर गया,
एक वक़्त था गुज़र गया।
18: अच्छे होते हैं वो लोग जो आकर चले जाते हैं,
थोड़ा ठहर कर जाने वाले बहुत रुलाते हैं।
19: मोहब्बत का दर्द दिल में छुपाया बहुत है,
सच कहुँ उसकी मोहब्बत ने रुलाया बहुत है।
20: कुछ जख़्म सदियों के बाद भी
ताज़ा रहते है,
फ़राज़ वक़्त के पास भी
हर मर्ज़ की दवा नहीं होती।।
21: कभी कभी नाराजगी,
दूसरों से ज्यादा खुद से होती है।
22: अकेले रोना भी क्या खूब कारीगरी है,
सवाल भी खुद के होते है
और जवाब भी खुद के।
23: जिंदगी तो कट ही जाती है,
बस यही एक जिंदगी भर
गम रहेगा की हम उसे ना पा सके।
24: न करना भरोसा इस दुनिया में किसी पर,
मुझे तबाह करने वाला मेरा बड़ा अजीज़ था।
25: कुछ रिश्ते आजकल
उस रास्ते पर जा रहे हैं,
न साथ छोड़ रहे हैं,
और न ही साथ निभा पा रहे हैं…
26: एक उम्र बीत चली हैं,
तुझे चाहते हुए,
तू आज भी बेखबर हैं,
कल की तरह..
27: अब न खोलो मेरे घर के उदास दरवाज़े,
हवा का शोर मेरी उलझनें बढ़ा देता है।
28: तुम भी कर के देख लो मोहब्बत किसी से,
जान जाओगे कि हम मुस्कुराना क्यों भूल गए।
29: जिस शहर में दिन रात बरसती रहें आँखें
उस शहर को बारिश की ज़रुरत नहीं होती
30: ऐ दिल तू क्यों रोता है,
ये दुनिया है
यहाँ ऐसा ही होता है।
31: लौट आती है हर बार दुआ मेरी खाली,
जाने कितनी ऊँचाई पर खुदा रहता है।
32: सुनी थी सिर्फ हमने ग़ज़लों में
जुदाई की बातें,
आज खुद पर बीती तो हक़ीक़त
का अंदाज़ा हुआ।
33: खामोशिया कर देती बयान
तो अलग बात है,
खुछ दर्द है जो लफ्ज़ो में
उतारे नहीं जाते।
34: एक उम्मीद मिली थी तुम्हारे आने से
अब वो भी टूट गयी ,
वफादारी की आदत थी हमे
अब शायद वो भी छूट गई।
35: जिसके नसीब में हो
ज़माने की ठोकरे,
उस बदनसीब से
सहरो की बात न कर।
36: कितनी झूठी होती है
मोहब्बत की कसम ,
देखो तुम भी ज़िंदा हो
मैं भी ज़िंदा हूँ।
37: सिर्फ सहने वाला ही जानता है
की दर्द कितना गहरा है।
38: जहाँ हिम्मत ख़तम होती है,
वही हार की शुरुआत होती है।
39: मेरी जंग थी वक़्त के साथ
फिर वक़्त ने ऐसी चाल चली,
मैं अकेला होता गया।
40: तजुर्बे ने एक ही बात सिखाई है,
नया दर्द ही,
पुराने दर्द की दवाई है।
41: यक़ीन कीजिये साहब
यक़ीन ने ही मारा है.
42: वो करीब तो बहुत है
मगर कुछ दूरियों के साथ ,
हम दोनों जी तो रहे है
मगर मजबूरियों के साथ।
43: बहुत बहुत रोयेगी जिस दिन
मैं याद आऊंगा,
और बोलेगी एक पागल था जो पागल था
सिर्फ मेरे लिए।
44: दुआ करना #दम भी उसी
तरह निकले,
जिस तरह तेरे #दिल से हम निकले।
45: माना मौसम भी बदलते है
मगर धीरे धीरे,
तेरे बदलने की रफ़्तार से तो
हावएँ भी हैरान है।
46: मैं ख़ामोशी हूँ तेरे मन की,
तू अनकहा अलफ़ाज़ मेरा,
मैं एक उलझा लम्हा हूँ,
तू रूठा हुआ हालात मेरा।
47: खुद ही रोए और खुद ही
चुप हो गए,
ये सोचकर की कोई अपना
होता तो रोने ना देता।
48: पल पल उसका साथ निभाते हम,
एक इशारे पर दुनिया छोड़ जाते हम,
समन्दर के बीच में फरेब किया उसने,
कहते तो किनारे पर ही डूब जाते हम।
49: सितारो को रोशनी की क्या ज़रूरत,
ये तो खुद को जला लेते हे,
आशिक़ो को वफ़ा की क्या ज़रूरत,
वो तो बेवफा को भी प्यार कर लेते हे।
50: उल्फत का अक्सर यही दस्तूर होता है!
जिसे चाहो वही अपने से दूर होता है!
दिल टूटकर बिखरता है इस कदर!
जैसे कोई कांच का खिलौना चूर-चूर होता है!
51: कोई किसी का खास नहीं होता
लोग तभी याद करते हैं
जब उसका टाइम पास नहीं होता
52: वो खुद एक सवाल
बन के रह गया,
जो मेरी पूरी ज़िन्दगी
का जवाब था।
53: आज खुद को इतना
तन्हा महसूस किया,
जैसे लोग दफना के
छोड़ गए हो।
54: तुझसे मोहब्बत करने की तड़प
कुछ इस तरह है मुझे,
की एक दिन ये ज़िन्दगी यू ही
खामोश हो जाएगी।
55: तेरे बदलने का दुःख नहीं है मुझे,
मैं तो अपने यकीन पे शर्मिंदा हू।
56: खता का पता नहीं,
बस सजा काटे जा रहा हूँ।
Comments
Post a Comment